prisoners released from Central Jail:सुप्रीम कोर्ट निर्देशों के मुताबिक 100 से अधिक बंदियों को केंद्रीय जेल से मिली रिहाई

prisoners released from Central Jail: अंतरिम जमानत या इंटेरिम बेल पर रिहाई

prisoners released from Central Jail:सुप्रीम कोर्ट  निर्देशों के मुताबिक 100 से अधिक बंदियों को केंद्रीय जेल से मिली रिहाई
prisoners released from Central Jail: अंतरिम जमानत या इंटेरिम बेल पर रिहाई

दुर्ग। prisoners released from Central Jail : कोरोना संक्रमण को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी दिशा निर्देशों के मुताबिक केंद्रीय जेल दुर्ग में निरुद्ध सजायफ्ता व विचाराधीन बंदियों को पैरोल अथवा अंतरिम जमानत पर रिहाई की जा रही है।

बता दे कि अब तक 100 से अधिक बंदियों को जेल से रिहा किया जा चुका है।

क्या हैं अंतरिम जमानत?

अंतरिम जमानत या इंटेरिम बेल – यह बेल बहुत कम वक्त के लिए दी जाती है. यह अक्सर तब दी जाती है,
जब आरोपी की रेग्युलर या एंटिसिपेटरी बेल पर सुनवाई होने में कुछ दिन बचे होते हों.उन दिनों के लिए इस
तरह की बेल का प्रावधान है.अग्रिम 
जमानत या एंटीसिपेटरी बेल – यह एक तरह से एडवांस में बेल लेना है.

अंतरिम जमानत पर सूत्रों से प्राप्त जानकारी

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव राहुल शर्मा ने बताया कि उच्चतम न्यायालय द्वारा जारी दिशा निर्देशों के मुताबिक ही बंदियों को छोड़ा जाएगा। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार गुरुवार देर रात 34 बंदियों को अंतरिम जमानत पर रिहा कर दिया गया है।

शुक्रवार देर रात को 50 से अधिक बंदियों को रिहाई मिली है। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय जेल दुर्ग में निरुद्ध बंदी भी कोरोना वायरस से संक्रमित हुए हैं। करीब 50 बंदी इसकी चपेट में आए थे। जिसमें से आधे स्वस्थ्य हो चुके हैं। कोरोना संक्रमित बंदियों की इलाज केंद्रीय जेल दुर्ग में ही की जा रही है।
जेल प्रशासन द्वारा बंदियों का देख रेख  

जेल के भीतर अलग से आइसोलेशन वार्ड भी बनाया गया है। स्थिति को देखते हुए जेल प्रशासन द्वारा नियमित अंतराल में बंदियों की कोरोना जांच भी कराई जा रही है।

वर्ष 2020 में भी अंतरिम जमानत

ज्ञात हो कि वर्ष 2020 में भी कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने के बाद सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन के मुताबिक बंदियों को पैरोल अथवा अंतरिम जमानत पर छोड़ा गया था।