World No Tobacco Day 2021: 31 मई 'विश्व तंबाकू निषेध दिवस', जानें क्यों मनाया जाता है और इसकी शुरुआत

World No Tobacco Day 2021: तंबाकू की वजह से स्वास्थ को होने वाले नुकसान के बारे में जागरूक करने के उद्देश्य से, विश्व भर में हर वर्ष 31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस

World No Tobacco Day 2021: 31 मई  'विश्व तंबाकू निषेध दिवस', जानें क्यों मनाया जाता है और  इसकी शुरुआत
World No Tobacco Day 2021: तंबाकू की वजह से स्वास्थ को होने वाले नुकसान के बारे में जागरूक करने के उद्देश्य से, विश्व भर में हर वर्ष 31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस

World No Tobacco Day 2021: तंबाकू का मज़ा कभी भी ज़िंदगी भर की सजा बन सकता है. ये जानते हुए भी दुनिया भर में बड़ी संख्या में लोग तंबाकू का सेवन किसी न किसी रूप में कर रहे हैं और जानलेवा बीमारियों को आमंत्रित कर रहे हैं. ऐसे ही लोगों को तंबाकू का सेवन करने से रोकने और तंबाकू की वजह से स्वास्थ को होने वाले नुकसान के बारे में जागरूक करने के उद्देश्य से, विश्व भर में हर वर्ष 31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस यानी वर्ल्ड नो टोबैको डे (World No Tobacco Day) मनाया जाता है.हर वर्ष इस दिन के लिए एक विशेष थीम आयोजित की जाती है. इस वर्ष 2021 में इसकी थीम ‘छोड़ने के लिए प्रतिबद्ध’ (Commit to Quit) रखी गयी है.

नो टोबैको डे की शुरुआत

इसकी शुरुवात  विश्व स्वास्थ संगठन यानी वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) के द्वारा वर्ष 1987 में की गयी थी. हालांकि वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन की वर्षगांठ के अवसर पर पहली बार इस दिन को 7 अप्रैल 1988 को मनाया गया था लेकिन इसके बाद 31 मई 1988 को WHO42.19 प्रस्ताव पास होने के बाद से इस दिन को हर वर्ष 31 मई को मनाया जाने लगा. इसका मुख्य कारण तंबाकू के सेवन से होने वाली मौतों में वृद्धि को देखते हुए नो टोबैको डे मनाने की शुरुआत किया गया 

विश्व तंबाकू निषेध दिवस मानाने का कारण 

जो लोग तंबाकू का सेवन कच्ची तंबाकू, बीड़ी-सिगरेट, पान मसाला या हुक्का किसी भी तरह से कर रहे हैं उनको इसके नुकसान के बारे में समझाते हुए तंबाकू छोड़ने के लिए तो उनको प्रेरित किया ही जाता है. उन युवाओं को भी इस बारे में समझाया जाता है जो इसकी शुरुआत कर सकते हैं.

थीम पर आधारित होते हैं कार्यक्रम

विश्व स्वास्थ संगठन के द्वारा हर वर्ष वर्ल्ड नो टोबैको डे के लिए एक विशेष थीम तय की जाती है. इस वर्ष यानी 2021 के लिए इस दिन की थीम ‘छोड़ने के लिए प्रतिबद्ध’ (Commit to Quit) रखी गयी है. हर वर्ष वर्ल्ड नो टोबैको डे पर जो कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं वो इसी विशेष थीम पर आधारित होते हैं. कोरोना के चलते इस वर्ष ज्यादातर कार्यक्रम ऑनलाइन/डिजिटल माध्यम से आयोजित होंगे. इसी क्रम में स्वास्थ्य विभाग के द्वारा “तम्बाकू छोड़ने के लिए प्रतिबद्ध” विषय पर पोस्टर एवं स्लोगन प्रतियोगिता का आयोजन बीती 20 मई से किया गया है जो 10 जून, 2021 तक ऑनलाइन/डिजिटल माध्यम से आयोजित होगी.

इनके सेवन से होने वाली  बीमारियां

  • फेफड़े का कैंसर,
  • लिवर कैंसर,
  • मुंह का कैंसर,
  • इरेक्टाइल डिस्फंक्शन,
  • हृदय रोग,
  • कोलन कैंसर,
  • गर्भाशय का कैंसर,

आंकड़े के अनुसार तम्बाकू का सेवन 

  • विश्व भर में तकरीबन 80 फीसदी पुरुष तंबाकू का सेवन करते हैं लेकिन महिलाओं की संख्या भी काफी बढ़ रही है.
  • दुनियाभर में धूम्रपान करने वालों में लगभग 10 फीसदी लोग भारत में हैं.
  • वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन के अनुसार दुनिया में लगभग 125 देश तंबाकू का उत्पादन करते हैं.
  • तंबाकू निर्यात के मामले में भारत छठे नंबर पर है बाकी पांच देशों में ब्राजील, चीन, अमेरिका, मलावी और इटली शामिल हैं.
  • बाक़ी देशों के के मुक़ाबले भारत में तंबाकू से होने वाली बीमारियों से मरने वाले लोगों की संख्या बहुत तेजी से बढ़ रही है.
  • धूम्रपान न करने के बावजूद उसके धुंए का सामना करने से हृदय और मस्तिष्क की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है.

तंबाकू में उपस्थित जहरीले पदार्थ 

धुंए में मौजूद निकोटीन, कार्बन मोनो आक्साइड जैसे पदार्थ रोगों की वजह बनते हैं. 

#Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. NayiPrabhat.com इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.