Battlegrounds Mobile India गूगल प्ले स्टोर में नंबर 1 पर, Garena Free Fire को पीछे छोड़ा

बैटलग्राउंड मोबाइल इंडिया (Battlegrounds Mobile India) 2 जुलाई को एंड्रॉइड यूजर्स के लिए भारत में लॉन्च कर दिया गया है।

Battlegrounds Mobile India गूगल प्ले स्टोर में नंबर 1 पर, Garena Free Fire को पीछे छोड़ा
बैटलग्राउंड मोबाइल इंडिया (Battlegrounds Mobile India) 2 जुलाई को एंड्रॉइड यूजर्स के लिए भारत में लॉन्च कर दिया गया है।

Battlegrounds Mobile India : बैटलग्राउंड मोबाइल इंडिया (Battlegrounds Mobile India) 2 जुलाई को एंड्रॉइड यूजर्स के लिए भारत में लॉन्च कर दिया गया है। तब से इस गेम को लेकर जबरदस्त क्रेज है। बैटल रॉयल को गूगल प्ले स्टोर (Google Play Store) पर डाउनलोड करने के लिए उपलब्ध है। लॉन्च के 24 घंटों के अंदर ही बैटलग्राउंड मोबाइल इंडिया गरेना फ्री फायर (Garena Free Fire) को पीछे छोड़ते हुए सबसे ज्यादा कमाई करने वाला गेम बन गया है। वर्तमान में मोबाइल गेम को गूगल प्ले स्टोर पर 10 मिलियन से अधिक डाउनलोड किया जा चुका है।

पबजी मोबाइल का विकल्प बैटलग्राउंड

बैटलग्राउंट मोबाइल इंडिया पबजी मोबाइल का विकल्प के रूप में जाना जाता है। पबजी के भारत में बैन होने के बाद बैटलग्राउंड लॉन्च किया गया। आधिकारिक लॉन्च से पहले कंपनी क्राफ्टन को बैटलग्राउंड मोबाइल इंडिया के लिए 40 मिलियन प्री-रजिस्ट्रेशन मिले। 17 जून तक कंपनी ने 5 मिलियन से अधिक यूजर्स प्राप्त कर लिए थे।

आईओएस यूजर्स के लिए नहीं हुआ लॉन्च

हालांकि आईओएस यूजर्स के लिए गेम को अबतक लॉन्च नहीं किया गया है। क्राफ्टन (Krafton) की तरफ से कोई अपडेट नहीं किया है। जिन गेमर्स को गेम की शुरुआत में एक्सेस मिल गई है। अब वे इसे ऑफिशियल वर्जन खेलने के लिए गूगल प्ले स्टोर पर अपडेट कर सकते हैं। इसके साथ ही बैटलग्राउंड मोबाइल इंडिया में गेमर्स गिफ्ट मिलेंगे। जिसके लिए क्लैम 19 अगस्त तक किया जा सकता है।

क्राफ्टन ने डेटा ट्रांसफर करने को कहा

हाल ही में क्राफ्टन ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया। जिसमें बताया कि पबजी मोबाइल (PUBG Mobile) से बैटलग्राउंड मोबाइल इंडिया में डेटा ट्रांसफर सेवा 6 जुलाई से अगली सूचना तक अस्थायी रूप से बंद कर दी जाएगी। डेटा ट्रांसफर के बंद होने पर असुविधा के लिए हम क्षमा चाहते हैं। जो लोग अपना डेटा ट्रांसफर करना चाहते हैं, 6 जुलाई से पहले ऐसा कर लें। क्राफ्टन ने आगे लिखा है कि ऐसा यूजर्स के डाटा को सुरक्षित करने के लिए किया जा रहा है।